Spread the love

राज्यपाल ने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस पर बधाई और शुभकामनाएं दीं।

लोक भवन देहरादून 08 नवम्बर, 2026

राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों तथा देश-विदेश में निवास कर रहे प्रवासी उत्तराखण्डवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।

राज्य स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में राज्यपाल ने कहा कि 9 नवम्बर, 2000 उत्तराखण्ड के इतिहास का गौरवपूर्ण दिन है। यह वर्षों के संघर्ष, अटूट संकल्प और अपने सपनों का राज्य बनाने की दृढ़ आकांक्षा का प्रतीक है। उन्होंने राज्य निर्माण के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राज्य आंदोलनकारियों, मातृशक्ति और राज्य निर्माण में योगदान देने वाले सभी लोगों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना के 26 वर्षों में उत्तराखण्ड ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। यह स्थापना दिवस हमारी अब तक की अनेक उपलब्धियों पर गर्व करने के साथ ही भविष्य की नई संभावनाओं और लक्ष्यों के प्रति पूरी तरह संकल्पबद्ध होने का भी अवसर है।

राज्यपाल ने कहा कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य सूचकांक में उत्तराखण्ड का संयुक्त रूप से देश में प्रथम स्थान प्राप्त करना राज्य की विकास यात्रा की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। बढ़ती आर्थिक गतिविधियाँ, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार और आजीविका के नए अवसर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में योगदान दे रहे हैं। हमारा लक्ष्य इन उपलब्धियों को समाज के प्रत्येक वर्ग और प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र तक पहुँचाना है।

उन्होंने कहा कि राज्य में सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण को सुदृढ़ करने के साथ युवाओं एवं महिलाओं के लिए नए अवसर विकसित हो रहे हैं। पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति के अवसर मिल रहे हैं, जिससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है। समान नागरिक संहिता लागू कर उत्तराखण्ड ने समानता, समान अधिकारों और न्याय के मूल्यों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।

राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों तक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार तथा आपातकालीन परिस्थितियों में एयर एंबुलेंस जैसी सेवाओं की उपलब्धता गंभीर रोगियों को समय पर उपचार दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, जनस्वास्थ्य और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना भी हमारी प्राथमिकताओं में शामिल है।

राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का उत्तराखण्ड के प्रति विशेष स्नेह तथा देवभूमि की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने की प्रेरणा प्रदेश के विकास और पर्यटन को नई दिशा दे रही है। उन्होंने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल, लोकल टू ग्लोबल’ के मंत्र के माध्यम से स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजनों और लोककलाओं को व्यापक पहचान दिलाई जा रही है।

चारधाम यात्रा के साथ शीतकालीन यात्रा, साहसिक पर्यटन, योग, आयुर्वेद और आरोग्य पर्यटन को प्रोत्साहन देकर वर्षभर पर्यटन की संभावनाओं का विस्तार किया जा रहा है। इससे उत्तराखण्ड की प्राकृतिक विरासत को व्यापक पहचान देने, पर्यटन गतिविधियों का विविधीकरण करने और राज्य को वर्षभर आकर्षक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने में सहायता मिलेगी।

राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड ने पूर्ण साक्षरता का लक्ष्य हासिल कर गौरव बढ़ाया है। 38वें राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन और प्रदेश के खिलाड़ियों द्वारा 100 से अधिक पदक अर्जित करना भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है। जी-20 की बैठकों, वैश्विक निवेशक सम्मेलन, विश्व आयुर्वेद कांग्रेस और विश्व आपदा प्रबंधन शिखर सम्मेलन जैसे आयोजनों ने राज्य को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है।

राज्यपाल ने कृषि एवं बागवानी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्राकृतिक एवं जैविक खेती, मिलेट्स, औषधीय एवं सगंध खेती तथा स्थानीय कृषि उत्पादों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। आधुनिक तकनीक, मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण और बेहतर विपणन व्यवस्था के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं।

राज्यपाल ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए प्रदेशवासियों से अपने घरों, गाँवों, नगरों, सार्वजनिक स्थलों, नदियों और जलस्रोतों को स्वच्छ रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हिमालय, वन, नदियाँ और जलस्रोत उत्तराखण्ड की अमूल्य प्राकृतिक धरोहर हैं। इनका संरक्षण भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए आवश्यक है।

युवाओं से विशेष आह्वान करते हुए राज्यपाल ने कहा कि वे नशे से दूर रहें और अपने मित्रों एवं आसपास के लोगों को भी नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करें। खेल, शिक्षा, योग, रचनात्मक गतिविधियों और कौशल विकास से जुड़कर अपनी ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग करें। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त उत्तराखण्ड के निर्माण का संकल्प लेने की अपील की।

राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड वीरभूमि है। यहाँ के वीर जवानों ने देश की सीमाओं की रक्षा में सदैव अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने प्रदेश के सभी सैनिकों, पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों के त्याग, साहस एवं राष्ट्रसेवा के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि उनका योगदान हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने पूर्व सैनिकों से आह्वान करते हुए कहा कि उनके अनुभवों और नेतृत्व क्षमता का उपयोग राज्य के विकास तथा युवाओं के मार्गदर्शन में किया जाना चाहिए।

राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेशवासियों के सामूहिक प्रयासों से उत्तराखण्ड विकास के प्रत्येक क्षेत्र में नई ऊंचाइयाँ हासिल करेगा और विकसित भारत-2047 के संकल्प में महत्वपूर्ण योगदान देते हुए अपने सपनों के उत्तराखण्ड के लक्ष्य को साकार करेगा।
………..0……….

By admin